ज्योतिरादित्य सिंधिया की ताजा खबर – live Hindustan News

आपको याद होगा मध्यप्रदेश कांग्रेस सरकार  में  सियासती खींचतान चल रहा है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी ही पार्टी को एक बड़ा झटका दे दिया है। सिंधिया अब भाजपा में शामिल हो गए हैं। 

मध्य प्रदेश की सियासत में खींचतान का दौर अभी भी जारी है। इस बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। जिन्हें सिंधिया का भाजपा में शामिल होना बिल्कुल रास नहीं आ रहा है। जिस सिंधिया को मध्य प्रदेश कांग्रेस के कार्यकर्ता पलकों पर बिठाकर रखते थे आज वो ही ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ सड़कों पर उतर गए हैं।

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भोपाल में सिंधिया के काफिले का विरोध काले झंडे से किया गया इतना ही नहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। इधर बीजेपी का आरोप है ना सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पत्थरबाजी की बल्कि सिंधिया पर जानलेवा हमला भी किया।
भोपाल एयरपोर्ट पर सिंधिया व कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने हो गए हालात इतने बिगड़ गए पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा।
हालात बदल चुके हैं मध्य प्रदेश की सियासत बदल गई है। कांग्रेस पार्टी का झंडा बुलंद करने वाले सिंधिया आज भाजपा के साथ है।
ज्योतिरादित्य ने मध्यप्रदेश से बीजेपी की ओर से राज्यसभा के लिए नामांकन भरा। जहां वो पूरी तरह से बीजेपी के रंग में नजर आए।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल लालजी टंडन को चिट्ठी लिखी है-  इस चिट्ठी में कमलनाथ ने बीजेपी पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया है।
उधर कांग्रेस ने अपने विधायकों को कांग्रेस शासित प्रदेश राजस्थान में ठहराया है एवं भाजपा शासित प्रदेश हरियाणा में बीजेपी ने अपने 106 विधायकों को ठहराया है।
मध्यप्रदेश में संकट के बीच राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के खेमे में हलचल दिख रही है। जयपुर से मध्यप्रदेश के विधायकों को भोपाल बुलाया गया है। वहीं दूसरी ओर गुजरात 20 कांग्रेसी विधायकों को जयपुर भेजा जा रहा है। आपको बताते दे की 26 मार्च को 17 राज्यों की 55 सीटों पर राज्यसभा के चुनाव है। इस चुनाव में कांग्रेस विधायकों को सबसे सॉफ्ट टारगेट माना जा रहा है। मध्यप्रदेश से लेकर गुजरात कांग्रेस के विधायकों के टूटने का खतरा और उसी के मद्देनजर आप देख रहे हैं यह चहल-पहल।
कोरोना वायरस के खतरे की वजह से मध्य प्रदेश में 16 मार्च से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र को आगे बढ़ाने पर राज्य सरकार विचार कर रही है। अगर ऐसा हुआ तो मध्य प्रदेश की सियासत बवाल में और उबाल आ सकता है।
मध्य प्रदेश के राजघराने से आने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने ही कांग्रेस पार्टी को सबसे बड़ा झटका दे दिया है। लंबे समय से मुख्यमंत्री से नाराज चल रहे सिंधिया ने मंगलवार को कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। सिंधिया के साथ उनके 19 विधायकों ने भी इस्तीफा दे दिया है।
2018 में जब कांग्रेस ने चुनाव जीतकर बीजेपी से मध्य प्रदेश छीना था तब कांग्रेस ने सोचा भी नहीं होगा कि इसके बदले में भाजपा इतना बड़ा नेता छीन लेगी और सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के साथ ही कांग्रेस सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। यानी ना सिर्फ बीजेपी ने बड़ा नेता छीना बल्कि राज्य भी छीन लिया है। मध्य प्रदेश के कई शहरों में आज कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और कई जगहों पर तो सिंधिया का पुतला भी जलाया।

bharatgurjar

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