मध्य प्रदेश सरकार की राजनीतिक हड़कंप कैसे मचा – Live Hindustan News

देखिए होली के त्यौहार पर मध्य प्रदेश की सरकार पर हर रंग में भंग पड़ गया है। कमलनाथ सरकार पर गहरा संकट आ गया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस पार्टी को छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। 

मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर गहरा संकट आ गया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस पार्टी को छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं।
सिंधिया के साथ कांग्रेस के 19 विधायक व मंत्रीयों ने अपना इस्तीफा दे दिया है। प्रधानमंत्री मोदी अमित शाह से मिलने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस्तीफा दिया। कांग्रेस ने नोटिस जारी कर सिंधिया को पार्टी से निकालने का दावा किया। भोपाल के पार्टी दफ्तर में बीजेपी की बड़ी बैठक हुई जिसमें विधायकों के अलावा शिवराज सिंह चौहान में कई सांसद शामिल हुए।

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ज्योतिरादित्य ने मध्यप्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार का उद्योग चलाने का आरोप लगाया।बुधवार को सिंधिया को BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी की सदस्यता दिलाई।
22 कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे के बाद विधानसभा की संख्या 206 हुई। बीजेपी के पास 107 विधायक और कांग्रेस के पास 92 विधायक ही रहे और बहुमत का आंकड़ा 104 हुआ।
जब ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में शामिल हुए उन्होंने कहा कांग्रेस में रहकर जनता की सेवा करना असंभव हो गया था।
सिंधिया ने अपने 10 मिनट के बयान में कांग्रेस पार्टी को छोड़ने के कारण बताने के साथ पीएम मोदी को सबसे सशक्त नेता बताया।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी वास्तविकता को समझ नहीं पा रही है और नई विचारधारा एवं नई सोच को पार्टी में मान्यता नहीं मिल रही है।
सिंधिया ने कहा मैंने एमपी के लिए सपने बनाए थे जो 28 माह में ही बिखर गए इसलिए कांग्रेस पार्टी को छोड़ना पड़ा।
उधर शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में ज्योतिरादित्य की बुआ भाजपा नेता यशोधरा राजे सिंधिया के साथ पत्रकारों से बात करते हुए ज्योतिरादित्य की तारीफ की। साथ ही टूवीट किया कि “स्वागत है महाराज साथ है शिवराज” ।

क्या आपको पता है सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी को छोड़ने के लिए 10 मार्च ही क्यों चुना था- ज्योतिरादित्य ने अपने बयान में कहा था कि मेरे जीवन में दो दिन ऐसे आए हैं जिन्होंने मेरा जीवन बदल दिया है ।
पहला- 30 सितंबर 2001 जिस दिन पिताजी को खोया था।
दूसरा- 10 मार्च 2020 इस दिन पिताजी की 75 वीं वर्षगांठ थी। (इसी दिन कांग्रेस पार्टी को छोड़ा) ।

उधर मध्य प्रदेश के 81 कांग्रेस विधायक जयपुर पहुंच चुके हैं। जिन्हें रिसीव करने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पहुंचे। मध्य प्रदेश का 38 कांग्रेसी विधायकों को जयपुर के ट्री हाउस रिसोर्ट एवं 40 विधायकों को ब्यूना विस्टा रिसॉर्ट में ठहराया गया। कांग्रेस के आलाकमान ने इस बाड़ाबंदी की कमान अशोक गहलोत को सौंपी है।

bharatgurjar

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